Saturday, March 17, 2007

हाय! कैसे हैं आप

मेरा नाम दिप्ती पंत है.

मै हिन्दी मे लिखने का प्रयास कर रही हुँ. पेशे से मैं फिल्म मेकर हुँ, तथा ब्रान्ड डिजायन भी करती हुँ. आपका साथ मिलेगा ऐसी आशा है.

धन्यवाद.

13 comments:

yogesh samdarshi said...

बढिया हैं और आप्!

अवश्य क्यों नहीं.

लिखिये हिन्दी में आपका स्वागत है.

puff & mish said...
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masijeevi said...

स्‍वागत है।
दीप्ति ये रालिभा का क्‍या अर्थ हुआ ?

संजीत त्रिपाठी said...

अपन तो ठीक ठाक है दिप्ति जी, आप बताएं आपके क्या हाल चाल हैं?
स्वागत है आपका हिन्दी चिट्ठाजगत में।
शुभकामनाएं

सागर चन्द नाहर said...

हिन्दी चिट्ठा जगत में आपका स्वागत है दिप्ती जी।
अब जल्दी से अपने अगले लेख लिख कर प्रकाशित कीजिये।


॥दस्तक॥

उडन तश्तरी said...

अभी तक तो ठीक हैं.

अब आप लिखना शुरु करें, बीच बीच में हाल बताते रहेंगे. स्वागत है!!

Tarun said...

दीप्ति स्वागत है, पंत वैसे उत्तरांचल से भी होते हैं आप कहाँ से हैं, धीरे धीरे फर्राटे से लिखने लगेगीं।

उन्मुक्त said...

साथ मिलेगा, बस लिखना शुरू करिये।

मोहिन्दर कुमार said...

आपका स्वागत है दिप्ति जी, हिन्दी चिट्ठाजगत में।

Shrish said...

स्वागत है दीप्ति जी चिट्ठाजगत में। हम सब अच्छे हैं, आपको सबका साथ मिलेगा आप लिखना तो शुरु कीजिए।

नारद, परिचर्चा और सर्वज्ञ जी से मुलाकात करिए।
इन सबके बारे में जानकारी चिट्ठाकारों के स्वागत पन्ने पर है।

हिन्दी में टाइपिंग संबंधी जानकारी सरल रुप में यहाँ पर है।

अगर आप उत्तरांचल से हैं तो हमारे लिए खुशी की बात है कि अब हम भी अल्पसंख्यक नहीं रहे, धीरे धीरे उत्तरांचल से भी चिट्ठाकार जुड़ते जा रहे हैं।

ई-पंडित

Manish said...

आपका स्वागत है !

शैलेश भारतवासी said...

दीप्ति जी,

हम आपके पहले पोस्ट का इंतज़ार कर रहे हैं। ज़ल्दी लीखिए।

हिन्दी-चिट्ठाकार जगत् में आपका स्वागत है।

बजार वाला said...

मुझे नही लगता की आप ज़्यादा कुछ लिखेंगी , कहीं किसी ने आपके कान मे कोई फूँक तो नही मार दी ? वैसे हम तो कुछ नया पढ़ने की आशा तो रखते ही हैं . आप फ़िल्म बनती हैं तो उम्मीद की जा सकती है कि देवदास जैसी तो नही ही बनाएँगी.